
जी हां,एक तरफ जहां इन दिनों राज्य का आबकारी विभाग काफी सुर्खियों में है,वहीं दूसरी तरफ ऊधमसिंहनगर आबकारी विभाग के कारनामों से महकमा भी अब काफी शर्मसार हो चुक है… मुख्यमंत्री के गृह जनपद और उनके विभाग के अधीन जनपद ऊधमसिंहनगर के जिला आबकारी विभाग में तो बीते कुछ वर्षों में दो दागी सहायक आबकारी आयुक्त यानी असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ एक्साइज (Assistant Commissioner of Excise) और एक दरोगा सहित कुल चार अधिकारी/कर्मचारी अलग-अलग अपराधों में संलिप्त होने के कारण जेल जा चुके हैं और आबकारी विभाग की साख पर बड़ा गहरा बट्टा भी लगा चुके हैं… इसके अलावा ऊधमसिंहनगर के जिला आबकारी कार्यालय में तैनात दो पीआरडी और एक उपनल कर्मी भी आबकारी विभाग के अधिकारियों के साथ अपराधों में इंवॉल्व होने के कारण जेल की हवा खा चुके हैं…अब हालात तो ये है कि काजल की कोठरी बन चुके जनपद ऊधमसिंहनगर के जिला आबकारी विभाग में लगता है कोई भी सहायक आबकारी आयुक्त पद का अधिकारी आने को तैयार नहीं है यही कारण है कि यहां बीते लगभग एक वर्ष से आबकारी इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह बिष्ट को ही प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी के पद पर तैनाती मिली हुई है और तो और जिले के प्रवर्तन विभाग में भी सहायक आबकारी आयुक्त पद के अधिकारी के स्थान पर आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर को प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त प्रवर्तन के तौर पर तैनात किया गया है…

बीते कुछ वर्षों में लगातार एक के बाद एक जिला आबकारी अधिकारी के कार्यालय से जुड़े अधिकारियों के जेल जाने के कारण आबकारी विभाग का कार्यालय अब खुफिया विभाग के निगरानी में भी है…दरअसल राज्य का आबकारी विभाग प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अधीन है और पुष्कर सिंह धामी का गृह जनपद भी जनपद ऊधमसिंहनगर ही है लिहाजा यहां विभाग के आला अधिकारियों की जबाबदेही भी सबसे ज्यादा है पर असल में यहां हो इसका उल्टा रहा है…बीते वर्ष अगस्त 2023 में जिला आबकारी कार्यालय से शराब की तस्करी के मामले में सीज नये ट्रैक्टर के चोरी होने के मामले में सहायक आबकारी आयुक्त प्रवर्तन की लिप्तता सामने आने के बाद पुलिस ने सहायक आबकारी आयुक्त जनपदीय प्रवर्तन पन्नालाल शर्मा और विभाग में तैनात पीआरडी जवान अवधेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था… उधर इस पूरे मामले में मुख्यालय ने जहां एक तरफ सहायक आबकारी आयुक्त पन्नालाल को डिमोट कर सहायक आबकारी आयुक्त से आबकारी निरीक्षक बना दिया था,वहीं दूसरी तरफ विभाग में तैनात पीआरडी जवान अवधेश को सेवा से ही बर्खास्त कर दिया गया था…उधर जुलाई 2024 में ऊधमसिंहनगर के जिला आबकारी अधिकारी अशोक कुमार मिश्रा को विजिलेंस की टीम ने 70000 रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था,जो कई महीनो तक जेल में रहे और जेल से छूटने के बाद लंबे समय तक निलंबित रहे पर फिलहाल बहाल हो गए हैं…

पूरे प्रदेश में एक वर्ष के अंदर ही आबकारी विभाग के दो सहायक आबकारी आयुक्त को अपराध में संलिप्त होने के बाद जिस तरह से पुलिस ने दोनों अधिकारियों को जेल भेजा उससे प्रदेश के आबकारी विभाग की छवि पर एक बड़ा कलंक लगा और विभाग की साख पर भी गहरा ‘बट्टा’ लगा था…इस कलंक को आबकारी विभाग अभी धो ही नहीं पाया था कि बीते सितंबर माह में हिमाचल प्रदेश से चोरी हुई तिजोरी के मामले की जांच के दौरान हिमाचल प्रदेश पुलिसे ने आबकारी विभाग के जिला इंफोर्समेंट टीम के दरोगा देवेंद्र कुमार,कांस्टेबल बलजीत सिंह, विभाग में तैनात उपनल कर्मचारी पप्पू लाल और पीआरडी जवान नईम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था…हिमाचल प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से नकदी और सोना भी बरामद किया था…इस पूरे मामले में जहां एक तरफ आबकारी विभाग ने अपने सभी गिरफ्तार कर्मचारियों को निलंबित कर विभागीय जांच भी शुरू कर दी है,वहीं दूसरी तरफ पीआरडी और उपनल कर्मचारी की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई चल रही है …इस वारदात के बाद ऊधमसिंहनगर के आबकारी विभाग ने भ्रष्टाचार के मामले में प्रदेश के आबकारी विभाग में प्रथम पायदान प्राप्त कर राज्य में एक नया कीर्तिमान भी स्थापित कर लिया है …

ऊधमसिंहनगर जिले से आबकारी विभाग के दो असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ एक्साइज और एक दरोगा सहित चार कर्मचारी के साथ-साथ विभाग में तैनात तीन पीआरडी/उपनल कर्मियों की गिरफ्तारी के बाद से ही अब ऊधमसिंहनगर के जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय की बड़ी ही खुफिया निगरानी हो रही है…लिहाजा ऐसा लगता है कि इस जिले में अब जिला आबकारी अधिकारी यानी सहायक आबकारी आयुक्त के पद पर कोई भी अधिकारी आने को तैयार नहीं है या फिर प्रदेश का आबकारी विभाग दो निरीक्षकों के भरोसे ही प्रदेश के इस बड़े जिले का आबकारी विभाग और सहायक आबकारी आयुक्त प्रवर्तन संचालित करने में ज्यादा सहूलियत महसूस कर रहा है…सवाल यह भी उठना है कि क्या प्रदेश के आबकारी विभाग में सहायक आबकारी आयुक्त लेवल के अधिकारियों की कमी है या फिर प्रदेश का आबकारी विभाग ऊधमसिंहनगर में किसी भी सहायक आबकारी आयुक्त यानी असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ एक्साइज को भेजना ही नहीं चाहता है ?बहरहाल बात कुछ भी हो पर इतना तो तय है कि इस जिले में बीते दो-तीन वर्षों में जिस तरह से दो सहायक आबकारी आयुक्त और एक दरोगा सहित चार कर्मचारी के साथ-साथ विभाग में तैनात तीन अन्य कर्मचारियों की गिरफ्तारी हुई है उससे मुख्यमंत्री के अधीन राज्य के आबकारी विभाग की छवि काफी धूमिल हुई है और अगर समय रहते प्रदेश के आबकारी विभाग के आला अधिकारियों ने इस पूरे मामले पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो हो सकता है कि आने वाले समय में बड़े पदों पर बैठे कम अनुभव वाले अधिकारियों की तैनाती के कारण ऊधमसिंहनगर के जिला आबकारी विभाग को आगे भी शर्मिंदगी का बोझ उठाना पड़ सकता है।

