भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) कुमाऊं जोन की नई कार्यकारिणी का गठन हो गया गया है,जिसमें चावल निर्यातक अशोक अग्रवाल को अध्यक्ष और युवा उद्योगपति सौरभ अग्रवाल को सीआईआई कुमाऊं जोन का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है…इस शानदार उपलब्धि पर LSC इंफ्राटेक लिमिटेड के डायरेक्टर सौरभ अग्रवाल को CII से जुड़ी समस्त औद्योगिक समूह द्वारा बधाई देने के साथ ही उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उनसे उद्योग हित में कार्य करने की अपेक्षा भी उद्योग प्रतिनिधियों द्वारा की गई है …हम आपको बता दें कि उत्तराखंड के युवा उद्योगपति सौरभ अग्रवाल औद्योगिक गैस,खनन,ऑटोमोबाइल्स और बुनियादी ढाँचे सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में कई वर्षों का महत्वपूर्ण अनुभव रखते हैं…

संयंत्र संचालन और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता सीआईआई के सभी लाभकारी पहलुओं को आगे बढ़ाने और क्षेत्र में उद्योग जगत के साथ मजबूत साझेदारी विकसित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी…कुमाऊं के उद्योगपतियों को यह भी विश्वास है कि CII कुमाऊं जोन के उपाध्यक्ष पद पर सौरभ अग्रवाल के नेतृत्व से कुमाऊँ क्षेत्र में उद्योग जगत के साथ ही CII का जुड़ाव भी अधिक सुदृढ़ होगा…साथ ही साथ क्षेत्र में औद्योगिक विकास,आपसी सहयोग और व्यावसायिक अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा…नए युवा नेतृत्व से उद्योग जगत के विभिन्न हितधारकों के साथ ही सहभागिता को मजबूत करने,उद्यमों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने और उत्तराखंड के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में सहयोग मिलने की भी काफी उम्मीद है… विशेष रूप से इस पहल से सूक्ष्म,लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) और उभरते व्यवसायों को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है…

खुद को मिली इस बड़ी उपलब्धि पर।नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के युवा उद्योगपतियों द्वारा भी सभी औद्योगिक समूह का आभार जताया गया और सभी उद्योग प्रतिनिधियों को यह विश्वास भी दिलाया गया कि उन्हें मिली इस बड़ी जिम्मेदारी को वह पूर्ण रूप से स्वीकार करते हुए सदैव उद्योग हित में कार्य करते रहेंगे…हम आपको बता दें कि भारतीय उद्योग परिसंघ (CII)भारत का एक गैर-सरकारी,गैर-लाभकारी और उद्योग-नेतृत्व वाला प्रमुख व्यावसायिक संगठन है…इसकी स्थापना 1895 में हुई थी और इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है…यह भारत में उद्योग, सरकार और नागरिक समाज के साथ मिलकर देश के आर्थिक और औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल माहौल तैयार करता है…यह उद्योग की जरूरतों और नीतियों पर सरकार के साथ परामर्श और संवाद का मुख्य माध्यम भी बनता है।

