रुद्रपुर:फुलसुंगा में शांतनु जी महाराज के भक्ति,संगीत और ज्ञान से परिपूर्ण श्री रामचरितमानस की दिव्य प्रस्तुति को सुनकर श्रोता हो रहे भाव विभोर

खबर शेयर करें

रुद्रपुर के फुलसुंगा में इन दोनों प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य शांतनु जी महाराज भाव,भक्ति और संगीत के साथ श्रीरामचरितमानस का दिव्य पाठ कर रहे हैं…फुलसुंगा में आयोजित हो रहे 9 दिवसीय श्रीरामचरित्रमानस के पाठ प्रतिभाग करने वाले श्रोता आचार्य शांतनु जी महाराज के मुखारविंद से निकले प्रत्येक शब्द में भक्ति और हर भाव में श्रीराम के दिव्य भाव-रस-संगीत का स्मरण कर भाव विभोर हो रहे हैं…पूज्य शांतनु जी महाराज जी द्वारा किए जा रहे श्रीरामचरित्रमानस के पाठ को सुनकर श्रोता यह साफ कह रहे हैं कि उनके द्वारा श्रीरामचरितमानस कई बार पढी और सुनी पर ऐसा सजीव,मनोहारी और आकर्षक चित्रण महाराज जी के मुखारविंद से पहली बार सुना,इसके लिए श्रोताओं ने महाराज जी को साधुवाद भी दिया…

फुलसुंगा निवासी आलोक प्रताप सिंह के यहां आयोजित हो रहे 9 दिवसीय श्रीरामचरित्रमानस के पाठ में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग प्रतिभाग कर रहे हैं…फुलसुंगा के सम्मानित और सामाजिक परिवार से जुड़े हुए नीरज कुमार सिंह,अरुणेश कुमार सिंह, जयप्रकाश सिंह और देवेंद्र सिंह का पूरा परिवार प्रतिदिन घंटों श्री राम चरित्र मानस के पाठ का श्रवण कर रहे हैं…स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में कथावाचक पूज्य आचार्य शांतनु जी महाराज द्वारा श्रीरामचरित्रमानस की दिव्य भक्ति कथा को सुनकर भाव विभोर होकर प्रभु श्री राम की लीला का सजीव चित्रण सुनकर प्रफुल्लित और आनंदित हो रहे हैं…

(पूज्य आचार्य श्री शांतनु जी महाराज,कथावाचक )

आचार्य शांतनु जी महाराज का यह साफ कहना है कि भौतिक संसाधनों से कोई भी व्यक्ति तृप्ति नहीं होता है,सब कुछ प्राप्त करने के बाद भी अंततः लोगों में भगवत शरण में जाने की इच्छा होती है…भौतिकता के इस युग में कथाएं,प्रवचन और सत्संग व्यक्ति को धर्म का वास्तविक मार्ग दिखाने के लिए जरूरी है, महाराज जी ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में थोड़ा-थोड़ा समय,थोड़ी-थोड़ी बुद्धि और थोड़े-थोड़े संसाधन धर्म के काम में प्रत्येक व्यक्ति को लगाना चाहिए…फुलसुंगा में आचार्य शांतनु जी महाराज के मुखारविंद से श्रीरामचरित्रमानस के सजीव पाठ को सुनने के लिए रुद्रपुर के सामाजिक,धार्मिक और अधिकारी वर्ग के कई सम्मानित लोग भी बड़ी संख्या में महाराज जी के सानिध्य में पहुंच रहे हैं।