रुद्रपुर:विपिन जल्होत्रा नहीं बचा पाए साख,शुक्ला की कायम रही धाक…धनबल और कांग्रेसियों का इस्तेमाल हुआ खूब,फिर भी लुटिया गई डूब

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“दुनिया की हर चीज का एक पहलू ये भी है,
जो बना सकता है,वो बिगाड़ भी सकता है।”
जी हां,आज रुद्रपुर विकास खंड में ब्लॉक प्रमुख की भाजपा प्रत्याशी ममता जल्होत्रा के पति विपिन जल्होत्रा की सभी तैयारी धरी की धरी रह गई…दरअसल पिछले ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान भाजपा नेता एवं कॉलोनाइजर विपिन जल्होत्रा की पत्नी ममता जल्होत्रा को रुद्रपुर का ब्लॉक प्रमुख बनवाने में सबसे बड़ा योगदान किच्छा के तत्कालीन भाजपा विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता राजेश शुक्ला का ही था पर पत्नी को ब्लॉक प्रमुख बनवाने के बाद विपिन जल्होत्रा खुद किच्छा से विधायक बनने का सपना देखने लगे और शुक्ला के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के स्थान पर विपिन ने उनके राजनीतिक विरोधियों से हाथ मिला कर बीते विधानसभा चुनाव में उनका काफी नुकसान पहुंचाया था…

जिस विधायक ने विपिन जल्होत्रा की पत्नी ममता जल्होत्रा को ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी तक पहुंचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी बाद में वही जल्होत्रा ने उन्हें ही आंखें दिखाने लगे …पूर्व विधायक राजेश शुक्ला का तो यह तक कहना है कि वर्ष 2022 के हुए विधानसभा चुनाव में किच्छा से उनको हरवाने और इस पंचायत चुनाव में कुरैया और प्रतापपुर सहित तीनों जिला पंचायत सीटों पर कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों को जीत दिलाने में विपिन जल्होत्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही पर कहते हैं ना समय खुद को दोहराता है…जल्होत्रा यह भूल गए कि किच्छा के कांग्रेसी नेताओं से हाथ मिलाकर जिनको वो आंखें दिखाने का काम कर रहे थे उनके बारे में यह कहा जाता है कि…

“जीत और हार का इम्कान कहाँ देखते हैं 
ये गाँव के लोग हैं नुक़सान कहाँ देखते हैं”

इस चुनाव में जहां एक तरफ भारतीय जनता पार्टी ने रुद्रपुर ब्लॉक प्रमुख के लिए पूर्व ब्लॉक प्रमुख ममता जल्होत्रा को अपना प्रत्याशी घोषित किया था,वहीं दूसरी तरफ किच्छा के दरऊ प्रथम क्षेत्र से क्षेत्र पंचायत सदस्य बनी शुक्ला समर्थित रीना गौतम ने ममता जल्होत्रा के सामने नामांकन दाखिल किया था…हम आपको बता दें कि मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले भाजपा नेता जितेंद्र गौतम के परिजन लगातार 20 वर्षों से क्षेत्र पंचायत चुनाव में जीत हासिल कर रहे थे,लिहाजा एक साधारण से कार्यकर्ता को पूर्व ब्लाक प्रमुख के समक्ष खड़ा कर शुक्ला ने सबसे पहले विपिन जल्होत्रा को यह एहसास कराया कि उनकी नजर में ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में खड़ी ममता जल्होत्रा का कद एक साधारण से पार्टी कार्यकर्ता के बराबर ही है और आज अपने राजनीतिक दबदबे से शुक्ला ने विपिन को इस बात का भी एहसास करवा दिया जब उनके आशीर्वाद से विपिन की धर्मपत्नी ब्लॉक प्रमुख बन सकती हैं तो उनके आशीर्वाद से एक साधारण कार्यकर्ता जितेंद्र गौतम की पत्नी भी ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी तक पहुंच सकती है…

हम आपको बता दें कि इस चुनाव में विपिन को शुक्ला के राजनीतिक विरोधी कांग्रेसियों का भी खूब समर्थन मिल रहा था पर चुनाव जीतने के राजनीतिक गुणा गणित में विपिन बस एक बात भूल गए कि जो उन्हें चुनाव जीता सकता वो उन्हें हरवा भी सकता है…बहरहाल रुद्रपुर ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में आज जहां एक तरफ शुक्ला समर्थक रीना गौतम को 40 क्षेत्र पंचायत सदस्यों में से 25 क्षेत्र पंचायत सदस्यों का मत हासिल हुआ तो,वहीं दूसरी तरफ पूर्व ब्लाक प्रमुख ममता जल्होत्रा को मात्र 15 मत प्राप्त हुए

उधर बीते पंचायत चुनाव में रुद्रपुर और किच्छा विधानसभा के अंतर्गत आने वाली जिला पंचायत की तीन सीटों पर हार के बाद जिस तरह से अपनी कुशल चुनावी राजनीतिक रणनीति से पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने आज रुद्रपुर ब्लॉक प्रमुख के पद पर एक अनुसूचित जाति के साधारण से कार्यकर्ता को भारी मतों से जीत दिलवाकर जहां एक तरफ अपने राजनीतिक विरोधियों को तराई की राजनीति में अपने पॉलीटिकल कद का एहसास करवा दिया,वहीं दूसरी तरफ अनुसूचित जाति में भारतीय जनता पार्टी की पकड़ को भी और मजबूत करवा दिया है…बहरहाल राजनीति के जानकारों की माने तो आगामी विधानसभा चुनाव में राजेश शुक्ला की इस कुशल चुनावी रणनीति का लाभ भी भाजपा को जरूर मिलेगा।