जी हां,रुद्रपुर डिग्री कॉलेज के बाहर बीते 24 सितंबर को पुलिस को चुनौती देते हुए छात्र संघ चुनाव प्रचार के दौरान वर्चस्व को लेकर कई राउंड गोलियां चलाकर मौके पर अराजकता और दहशत फैला कर गुंडई करने वाले 15 बदमाशों में से नामजद 11 बदमाशों को भले ही पुलिस वारदात के 18 दिनों बाद भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है पर बावजूद इसके फरार बदमाशों के जहन में पुलिस का खौफ दिखाई दे रहा है क्योंकि इस पूरे मामले में वांछित चल रहे शातिर गैंगस्टर और अपराधी गगन रतनपुरिया को बीते दिनों एक मुठभेड़ में गोली मारकर पुलिस ने पुलिसिया सबक सिखा दिया था इसलिए इस पूरे मामले में फरार चल रहे 11 बदमाशों को भी अब एनकाउंटर का डर सता रहा है लिहाजा सभी फरार बदमाशों ने अब न्यायालय में आत्मसमर्पण के लिए प्रार्थना पत्र लगा दिया है…
(गोलीकांड के फरार आरोपी के घर कुर्की का नोटिस चश्पा करती पुलिस टीम)
एनकाउंटर और जेल जाने से बचने के लिए बेल के जुगाड़ में लगे फरार बदमाश अब सफेदपोश नेताओं के चौखट और नामी वकीलों की परिक्रमा लगा रहे हैं…हालांकि इस पूरे मामले में फरार सभी बदमाश आदतन अपराधी है लिहाजा कोर्ट से भी इन्हें राहत मिलने की उम्मीद नहीं है…काले शीशे की गाड़ियों में हूटर लगाकर अवैध हथियारों से लैस होकर गैंग बनाकर संगठित अपराध करने वाले इन बदमाशों को समय-समय पर शहर के सफेदपोशों का संरक्षण भी ऑक्सीजन के तौर पर मिलता रहता है,जिस कारण ये बदमाश कानून को ठेगा दिखाकर पुलिस-प्रशासन की नाक के नीचे शहर का माहौल खराब कर पुलिस को चुनौती देते रहते हैं…हम आपको बता दें कि इस पूरे मामले में पुलिस दानिश,रखवीर सिंह, गुरुपेज सिंह,विपिन ठाकुर,देवेंद्र,गगन रतनपुरिया,जॉनी भाटिया और सतपाल सिंह लाहोरिया को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज चुकी है…
(गोलीकांड के फरार आरोपी के घर कुर्की का नोटिस चश्पा करती पुलिस टीम)
हालांकि इस मामले में पुलिस ने नामजत गैंगस्टर गगन रतनपुरिया को एक मुठभेड़ के दौरान गोली मारकर गिरफ्तार करने का दावा किया था पर बाद में हिरासत के दौरान रतनपुरिया द्वारा मूंछों पर ताव देने की एक फोटो सोशल मीडिया में उसके समर्थकों के द्वारा खूब वायरल की गई,जिसके बाद पुलिस मुठभेड़ पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर लोगों ने पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल भी खड़े किए…इस पूरे मामले में पुलिस की खूब छिछालेदर भी हुई लिहाजा जिला पुलिस के कमांडर द्वारा पुलिस हिरासत में अपराधी को रखने के मामले में लापरवाही बरतने को लेकर एक दरोगा और एक सिपाही को निलंबित किए जाने के बाद अब पुलिस गोली कांड के इस मामले में फरार चल रहे अपराधियों को कुछ तगड़ा सबक सिखाने के मूड में है ताकि पुलिस को चुनौती देकर कम से कम ऐसे अपराधी मूंछों पर ताव देने पहले 100 बार तो जरूर सोचेंगे…

(गोलीकांड के फरार आरोपी के घर कुर्की का नोटिस चश्पा करती पुलिस टीम)
दरअसल रुद्रपुर डिग्री कॉलेज के बाहर बीते 24 सितंबर को पुलिस को चुनौती देते हुए छात्र संघ चुनाव प्रचार के दौरान वर्चस्व को लेकर कई राउंड गोलियां चलाकर अराजकता और दहशत फैला कर गुंडई करने वाले 15 बदमाशों के खिलाफ पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पांच थानों की पुलिस फोर्स को लगाया था…हालांकि पांच थानों की पुलिस फोर्स वारदात के 18 दिनों बाद भी फरार चल रहे 11 नामजद बदमाशों को अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है…गोलीकांड की वारदात में नामजद आकाश यादव,आशीष यादव,रवि रावत,हेमंत मिश्रा,प्रिंस शर्मा, विक्रम,अमृत चीमा,चेतन मागढ़,अभय सक्सैना,मनप्रीत और जस्सी कचूरा अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है…फिलहाल पुलिसिया कार्रवाई को देखकर तो ऐसा लगता है या तो पुलिस इन फरार अपराधियों को दिवाली मनाने का मौका दे रही है या फिर इनका दिवाला निकलने की तैयारी कर रही है…

(गोलीकांड के फरार आरोपी के घर कुर्की का नोटिस चश्पा करती पुलिस टीम)
उधर फरार चल रहे 11 नामजद आरोपियों में से दो के खिलाफ कोर्ट से कुर्की का नोटिस लेकर दोनों अपराधियों के घर बीते दिनों पुलिस ने ऐसा ढोल बजवाया कि मानो दोनों फरार बदमाशों के घर लल्ला पैदा हुआ हो…वैसे तो जिले के SSP के मार्गदर्शन में पुलिस बीते एक वर्ष में “ऑपरेशन लंगड़ा” चलाकर अब तक अलग-अलग मुठभेड़ के दौरान 32 अपराधियों को गोली मार कर सबक सीख चुकी है पर बावजूद इसके जिले में अपराधी पुलिस को चुनौती देते रहते हैं…बीते दिनों जहां नानकमत्ता में बेखौफ मछली ठेकेदार के दो सुरक्षा गार्ड ने एक ग्रामीण को गोली मार कर घायल कर दिया था,वहीं दूसरी तरफ बाजपुर में वन कर्मियों की SOG की टीम पर लकड़ी तस्करों ने फायर झोंक दिया था, इसके अलावा केलाखेड़ा में मीनिंग टीम पर भी दुस्साहस दिखाते हुए बदमाशों ने हमला कर दिया था…

रुद्रपुर और बिलासपुर के आसपास के क्षेत्र से जुड़े अपराधियों के इस गैंग पर अगर समय रहते पुलिस ने कानूनी शिकंजा नहीं कसा तो यकीन मानिए कि कानून व्यवस्था को ठेका दिखाकर लगातार दुस्साहस दिखा रहे इस गैंग के लोग निश्चित तौर पर भविष्य में पुलिस को भी टारगेट करने से नहीं चूकेंगे…लिहाजा समय रहते पुलिस को ऐसे अपराधियों पर पुलिसिया अंदाज में कानून का शिकंजा कसना बहुत जरूरी है नहीं तो शहर में ये बेखौफ बदमाश अराजकता का माहौल पैदा कर लोगों का जीना दुश्वार कर देंगे… बहरहाल देर से ही सही पर पुलिस ने अब इन बदमाशों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है,हालांकि गोली कांड की इस वारदात के बाद अभी तक सरेआम गोलियां चलाने वाले बदमाश सहित 11 अपराधी पुलिस की गिरफ्त से दूर है लिहाजा अब देखना यह होगा कि इस पूरे मामले में फरार चल रहे अपराधियों को पुलिस कैसे और कब तक गिरफ्तार कर पाती है ?

