**रुद्रपुर:वास्तु शास्त्र का गलत ज्ञान मिलने से कारोबारी को हुआ लाखों का नुकसान,करोड़ों के निर्माणाधीन भवन में तोड़फोड़ के डर से पीड़ित परेशान**

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कहते हैं ना “अधजल गगरी,छलकत जाए” अर्थात जिस व्यक्ति के पास ज्ञान या योग्यता कम होती है वो दिखावा ज्यादा करता है और ज्यादा बोलता है…रुद्रपुर में ऐसे ही एक मामले में खुद को वास्तु शास्त्र का ज्ञाता बताने वाले एक व्यक्ति पर जहां एक तरफ एक कारोबारी को लाखों रुपए का चूना लगाने का बेहद गंभीर आरोप लगा है,वहीं दूसरी तरफ कारोबारी द्वारा गलत वास्तु शास्त्र के ज्ञान पर बनाए गए अपने निर्माणाधीन प्ले स्कूल के काफी हिस्से को अब तोड़ना भी पड़ेगा…खुद के साथ वास्तु शास्त्र के नाम पर हुई ठगी से व्यथित कारोबारी अब डिप्रेशन में है और सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर पीड़ित ने लोगों को वर्तमान समय में वास्तु शास्त्र के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने वाले लोगों से सतर्क रहने अपील की है…

दरअसल रुद्रपुर के नैनीताल रोड पर स्थित मेट्रोपोलिस कॉलोनी में रहने वाले कारोबारी रोहित सिंह का गंगापुर रोड पर एक बड़ा प्ले स्कूल बन रहा है…करोड़ों की लागत से बन रहे प्ले स्कूल को रोहित सिंह वास्तु शास्त्र के अनुसार बनवा रहे थे और खुद को वास्तु शास्त्र का विशेषज्ञ बताने वाले किच्छा के आवास विकास निवासी प्रमोद सिंह पुत्र राममूर्ति सिंह द्वारा अधिकृत आर्किटेक्ट से रोहित सिंह स्कूल का निर्माण कार्य करवा रहे थे पर कुछ संदेह होने पर जब उन्होंने प्रमोद सिंह द्वारा अधिकृत आर्किटेक्ट के द्वारा बनाए जा रहे स्कूल का अलग-अलग वास्तु शास्त्र विशेषज्ञों से निरीक्षण करवाया तो उनको पता चला कि वास्तु शास्त्र की गलत जानकारी देकर प्रमोद सिंह ने उनके निर्माणाधीन स्कूल में काफी कुछ गलत निर्माण करवा दिया है…

इस पूरे मामले को रोहित सिंह यह भी कहना है कि जब उन्होंने आरोपी वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ से बात करने का प्रयास किया तो उनके परिजनों ने रोहित के साथ काफी दुर्व्यवहार किया…रोहित सिंह ने यह भी आरोप लगाया है कि खुद को वास्तु शास्त्र का ज्ञाता बताने वाले प्रमोद सिंह को उन्होंने स्कूल निर्माण के लिए अधिकृत आर्किटेक्ट के माध्यम से दिए गए नशे की एवज में अब तक 10 लाख रुपए का भुगतान भी कर दिया है…बावजूद इसके प्रमोद सिंह के गलत ज्ञान की वजह से अब एक तरफ जहां गलत निर्माण के कारण उन्हें लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है,वहीं दूसरी तरफ उनके निर्माणाधीन स्कूल का कार्य भी फिलहाल पूरी तरह से बंद चल रहा है…

लिहाजा खुद के साथ हुई लाखों रुपए की ठगी और अब अपने निर्माणाधीन स्कूल में होने वाले तोड़फोड़ के कार्य को लेकर पीड़ित कारोबारी डिप्रेशन का शिकार हो रहा हैं…इस पूरे मामले को देखकर एक बात तो साफ है कि “थोथा चना बाजे घना” जिसका अर्थ है कि किसी विषय का अधूरा या सतही ज्ञान व्यक्ति को जरूर से ज्यादा आत्मविश्वासी बना सकता है…जिस कारण वो आगे गलतियाँ करता है,गलत सलाह देता है और विशेषज्ञों की राय को नजरअंदाज भी करता है जो अक्सर बाद में नुकसानदायक ही साबित होता है…ये कहावत हमें सिखाती है कि पूरी समझ अथवा ज्ञान के बिना किसी चीज को जानने का दावा करना या उस पर अमल करना भी जोखिम भरा है और अंततः इसका खामियाजा भी भुगतना ही पड़ता है।